मेरी माँ पात्र - मां ( एक आंख वाली ), बेटा राहुल उसकी फैमिली ( पत्नी आरती बेटा श्याम) , हेड मास्टर रविशंकर, दर्शक, स्कूल के बच्चे मनीषा राकेश , महेश, इत्यादि । (हम दिखाते हैं एक औरत फुटपाथ पर बैठी फल की टोकरी लिए फल बेच रही है।) औरत - हरे ताजे फल ले लो - 3 एक कस्टमर - फल कैसे दिए औरत - ₹50 किलो कस्टमर - बहुत महंगा है औरत - बाबूजी ₹48 फल उठाते हैं और ₹50 भेजते हैं । हम फुटपाथ वाले हमेशा आप लोगों को सस्ते फल देते हैं । आप जाकर वहीं मार्केट में खरीदेंगे तो आप को मालूम हो जाएगा कि हम फुटपाथ वाले किसी से ज्यादा पैसा नहीं लेते। कस्टमर - चलो ठीक है । मैं नहीं जानता हूँ । (कस्टमर चला जाता है) दूसरा कस्टमर - फल कैसे दिया आंटी । औरत - ₹50 किलो । कस्टमर - एक किलो दे दो । कस्टमर - आंटी आप राहुल की मां है ना । औरत - जी बेटा उधर राहुल आ रहा होता दूसरा कस्टमर राहुल को आते देखता है और उसकी मां की मजाक उड़ाने की सोचता है फल लेकर थोड़ा आगे बढ़त...
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