मां की ममता
पात्र - महेश ,पत्नी शीतला, बेटा राजीव और दोस्त
हम दिखाते हैं कि राजीव अपने दोस्तों के घर अपने दोस्त का जन्मदिन मनाता है।
सभी मित्र हैप्पी बर्थडे टू यू राजेश हैप्पी बर्थडे टू यू राजेश ।
राजेश - लिसन फ्रेंड मैं अपने सभी दोस्तों को धन्यवाद देता हूं कि सभी मेरे बर्थडे में आए और आप सभी से रिक्वेस्ट है आप सभी को आज डीजे पर हमारे साथ नाचना पड़ेगा ।
सभी मित्र - क्यों नहीं( डांस शुरू होता है)
Cut to cut .......
राजीव अपने घर गाड़ी से उतरता है और घर के अंदर जाता है।।
मां - और राजीव बेटा तुम्हारे दोस्त का जन्मदिन कैसा रहा।
राजीव- मां हमने बहुत मजे किए केक खाये और ढेर सारी मिठाइयां खाई आज राजेश की उम्र 18 साल हो गई है।
पिता - वो तुम्हारे चेहरे से ही लगता है कि तुम कितना मजा किये।
राजीव - राजेश 18 साल का हो गया तो उसके पिता ने उसे गिफ्ट में एक बाइक दिया । मां मैं 18 साल का हो जाऊंगा तो तुम मुझे गिफ्ट में क्या दोगी।
माँ - बेटा जब तुम 18 साल के हो जाओगे तो उस अलमारी के ऊपर देख लेना उसमें तुम्हारा गिफ्ट मिल जाएगा अभी बता दूंगी तो सेक्रेट क्या रह जाएगा। यह सेक्रेट है।
राजीव - तो ठीक है उस सेक्रेड का इंतजार करूंगा।
कुछ दिन बाद राजीव के फैमिली टेबल पर बैठकर खाना खा रही होती है कि अचानक राजीव के सीने में दर्द होता है और उसकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो जाती है उसके माता-पिता उसे तुरंत अस्पताल ले जाते हैं जांच के बाद।
डाक्टर - हमें बताते हो बहुत दुख हो रहा है कि आपके बेटे के दिल में छेद है और अब वह 2 महीने से ज्यादा नहीं जी पाएगा ।एम सॉरी मैं इसे नहीं बचा सकता आप इसको ले जाकर इसकी सेवा पानी कीजिए।
माता पिता पर मानो पहाड़ टूट पड़ा उनकी आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे क्योंकि उनका राजीव एक सहारा था उनकी आंखों का तारा था इकलौता पुत्र था उनका।
(माता-पिता रोते हुए) - प्लीज डॉक्टर साहब मेरे बेटे को बचा लीजिए मैं आपके आगे हाथ जोड़ रहा हूं। आप को जितने पैसे चाहिए मैं देने को तैयार हूं प्लीज मेरे बेटे को बचा लीजिए प्लीज डॉक्टर साहब
डॉक्टर - देखिए मैं कुछ नहीं कर सकता जो करना है आप लोगों को करना है । क्योंकि कोई भी अपना दिल डोनेट नहीं करेगा क्योंकि बिना दिल के कोई जीवित नहीं रह सकता।
मां-बाप निराश होकर अपने बेटे को घर लेकर आते
मां को रात भर नींद नहीं आती है और वह एक चेयर पर बैठे आंखें खोल कर सोचती है की मेरा बेटा अब कैसे जीवित रहेगा ।
अंत में मां ने यही डिसीजन लिया कि वह अपना दिल अपने बेटे को डोनेट करें।
मां पिता से - देखिए जी बहुत सोचने के बाद मैं यह डिसीजन ले रही हूं कि मैं अपने बेटे को अपना दिल डोनेट करूंगी ।
पिता - क्या कह रही हो ।
मां - हां जी मैंने अपनी जिंदगी से वैसे भी जी ली है । वैसे भी उसके ना रहने से मैं जी नहीं पाऊंगी अभी तो उसको पूरी दुनिया देखनी है।
पिता - सुशीला क्या कह रही हो राजीव मेरा भी बेटा है मुझे भी सोचने का हक है उसके बारे में कुछ इंतजाम हो जाएगा।
मां - अब आप कुछ ना कहिएगा यदि आपने कुछ कहा तो आप मेरा मरा हुआ मुंह देखेंगे आपको मेरी कसम आप मेरा दिल उसको डोनेट करवा दीजिए डोनेट करवा दीजिए ।
Cut to cut.....
राजीव को हॉस्पिटल ले जाते हैं और डॉक्टर इलाज शुरू करता है पिता बाहर बैठे चेयर पर रो रहे हैं उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं लेता हैअंततः ऑपरेशन सक्सेसफुल होता है। मां मर जाती है
2 साल बाद।।।।।।।।।
राजीव को उसके पिता उसको हॉस्पिटल लेने जाते हैं राजीव पूछता है मां नहीं आई फिर उसके पिता कुछ बोल नहीं पाते उसको घर लेकर आते हैं । राजीव मां मां कहकर पूरे घर में देखता है लेकिन उसकी मां घर में नहीं होती अचानक उसकी नजर अपनी मां की फोटो पर पड़ती है जिस पर एक हार चढ़ाया होता है राजीव अपने पिता से पूछता है लेकिन उसके पिता रोते हैं उनकी आंखों से आंसू बहते और वह कुछ बोल नहीं पाते अचानक राजीव को एक बात याद आती है की उसकी मां ने उससे कहा था कि वह 18 साल का हो जाएगा तो उसकी मां उसे एक गिफ्ट देगी। वह तुरंत अलमारी की तरफ जाता है अलमारी खोलता और उसमें उसको एक गिफ्ट मिलता है गिफ्ट को फाड़ता है तो उसमें एक चिट्ठी मिलती है चिट्ठी में लिखा है ।
चिट्ठी ।।।।।।।
मेरे जिगर के टुकडे अगर तू यह चिट्ठी पढ़ रहा है तो अब तो बिल्कुल ठीक हो गया होगा तुझे याद है कि जब तू बीमार हुआ था तब हम तुझे अस्पताल ले गए थे तो डॉक्टर ने कहा की तेरे दिल में छेद तो उस दिन मैं बहुत रोई मुझे रात में नींद नहीं आई फिर मैंने अंतिम डिसीजन लिया कि मैं तुझे अपने दिल डोनेट करूंगी । क्योंकि मैंने अपनी जिंदगी जी ली है तुझे तो पूरी दुनिया देखनी है।
याद है तूने कहा था की मां मैं 18 साल का हो जाऊंगा तो तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर क्या दोगी तो बेटा मैं तुझे अपना दिल दे रही हूं इसे संभाल कर रखना
तेरी मां
राजीव बहुत रोता है उसके पिता उसे संभालने की कोशिश करते हैं वह उनके गले से लग जाता है।
मां से बड़ा दिल
किसी का नहीं होता
अपने रुखा सुखा खाकर जी लेती है
पर बच्चों पर जान निछावर करती है
मां का तिरस्कार करने वाले को
नर्क में भी जगह नहीं मिलेगी ।


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