खौफनाक मंदिर पार्ट 2
पात्र - तीन दोस्त, योगी, योगी के दो के चेले , एक चुड़ैल ।
Scene -1
तीनों लड़के हाफते सहमे हुए खड़े हैं पीछे एक चुनरी में चुड़ैल खड़ी है सभी को आभास होता है कि पीछे कोई खड़ा है वह एकाएक पीछे मुड़ते हैं इधर उधर देखतें हैं पीछे कोई नहीं रहता सभी सहमें हुए हैं ।
तभी एक दोस्त देखता है कि हममें से एक दोस्त नहीं है ।
दोस्त - यार शिवानंद कहां गया ।
दूसरा दोस्त - यार वह तो हमारे साथ ही था गया कहां ।
तभी अचानक उन सबको एक पेड़ के पीछे से आवाज आती हुई सुनाई देती है सभी उधर बढ़ते हैं । और जाकर देखते हैं तो उनका ही दोस्त वह होता है और
(आंख काली) वह पागलों की तरह हरकत करता है एक दोस्त उसको जैसे ही टच करता है उसके हाथों में एक चाकू होता है जिसे वह अपने दोस्तों के पेट में खोप देता है ।
वह पेट पड़कर के नीचे गिरता है , फिर अंतिम दोस्त भागने की कोशिश करता है और जैसे ही भागते भागते नीचे गिरता है फिर एक अदृश्य शक्ति झाड़ी से आती है उसका पैर पकड़ के खींचती है । पुनः वह उठके भागता है फिर लड़खड़ा कर गिरता है तभी वो अपने आप को किसी के पैरों में पाता है अपनी नजरें उपर करता है । एक योगी उसके सामने खडा होता है ।
योगी - अलख निरंजन ।
दोस्त - बाबा मेरी जान खतरे में है मुझे बचा लीजिए मुझे बचा लीजिए बाबा । नहीं तो ये चुड़ैल मुझे मार देगी ।
दूसरा दोस्त हाथों में खून लगा चाकू चाटते हुए लेकर उसकी तरफ बढ़ता है जैसे उसे मारने जाता है योगी अपने मंत्र से रोकता ।
योगी - ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै नमः।
योगी - मैं तुझे तो जरूर बचाऊगा चाहे मेरी जान ही क्यो ना चली जाए ।
चुड़ैल
- मैं इसे मार के ही दम लूंगी तू भी इसे नहीं बचा सकता क्योंकि इंसानों ने ही मुझे बहुत ही बेरहमी से मारकर यहीं दफन कर दिया था और मेरी आत्मा अभी तक भटक रही है मुझे मुक्ति नहीं मिली है और मैं अभी तक यहां भटक रही हूं मेरा काम है इंसानों को मार अपनी दुनिया में ले जाना मुझे बहुत सुकून मिलता है । यदि तू बीच में आया तो मैं तुझे भी जान से मार दूंगी ।
योगी - आज तेरे गुनाहों का घड़ा भर चुका है तू बेगुनाहों की जान लेकर के अपनी आत्मा को शांति नहीं अपनी आत्मा को नर्क में ले जाना चाहती हो । आज तेरे गुनाहों का घड़ा भर चुका है आज मैं तुझे इस दुनिया से मुक्ति दे दूंगा ।
( योगी एक लोटे से कुछ जल की बूंदें निकालता है और मंत्र का उच्चारण करता है उस चुड़ैल के ऊपर फेंकता है ) (म्युजिक के साथ)
योगी - ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै नमः
चुड़ैल उसको छोड़के योगी के चेले में घूस जाती योगी उसपे पानी फेंकता है फिर उसे छोड़ के दूसरे में घुस जाती है । फिर उसके दोस्त में योगी उसे मंत्र शक्ति से एक पेड़ में बांध देता है
तभी योगी अपने चेलों को और उस लड़के को लेकर उस जगह जाता है जहां पर उस चुड़ैल की डेड बॉडी को गाढ़ा गया होता है दो-तीन जगह पानी छिड़कने के बाद एक जगह योगी को आभास होता है फिर वह कहता है।
योगी - यहां खोदो यहीं पर उस खूनी चुड़ैल की डेड बॉडी को गाढ़ा गया है और उसकी डेड बॉडी को निकाल करके हम उस में आग लगाएगे जिससे उसके आत्मा को मुक्ति मिल जाएगी ।
( दोनों चेले वहां पर गड्ढा खोदने में लग जाते हैं और गड्डे में उनको एक कंकाल मिलता है । फिर वह उस कंकाल पर मिट्टी का तेल डालकर उस पर आग लगा देते चुड़ैल की आत्मा बहुत गुस्से में हो जाती है और आधी आ जाती है चुड़ैल की आत्मा उसके दोस्त को छोड़ वहां आ जाती है ।
चुड़ैल - बचाओ मुझे बचाओ बचाओ मुझे मैं मरना नहीं चाहती छोड़ दो मुझे ।
सभी अपने आप को नियंत्रित किए हुए एक दूसरे को पकड़े हुए होते हैं और फिर जब चुड़ैल का कंकाल चल जाता है उसकी आत्मा चली जाती है
THE END
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