Making poem ( कविता )
बारिश की ये रित पुरानी ।।
रिमझिम करके बरसे पानी ।।
हर दिल में लाये खुशियाली।
रिमझिम करके बरसे पानी ।
बारिश की ये रित पुरानी ।।
रिमझिम करके बरसे पानी ।।
किसानो के मन झूमें गाये ।
मेंढक टर टर ढोल बजाये ।
नानी भी कहती थी कहानी ।
रिमझिम करके बरसे पानी ।
बारिश की ये रित पुरानी ।।
रिमझिम करके बरसे पानी ।।
बारिश में जब बूले आये ।
लगता कोई नाव चलाये।
बारिश से है सबको प्यार ।
इसका बच्चे भी करते इंतजार।
चाची हमारी छतरी तानी ।
रिमझिम करके बरसे पानी ।
बारिश की ये रित पुरानी ।।
रिमझिम करके बरसे पानी ।।
छप छप करके बच्चे खेले ।
पापा मम्मी डांटे बोले।
मछली कूदे नाचे ।
छतरी वाला छतरी बेचे ।
छोपड से चुये हैं पानी ।
बारिश की ये रित पुरानी ।।
रिमझिम करके बरसे पानी ।।
Writer --- VINAY SHRIVASTAV

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