Making poem
सही समय पर सो जाते हैं।
सूर्य से पहले उठ जाते हैं।
माता-पिता का करते सम्मान।
अच्छे बच्चे वही महान।।........2//
सज्जनता उनमें है भरी ।
काम वो करते सत्य सही।
उनमें कोई नहीं बुराई।
सब है उनके भाई भाई।
बड़े बुजुर्गों का करते सम्मान।
अच्छे बच्चे वही महान।।......2//
सत्य अहिंसा पर वो चलते।
कभी किसी से वो नहीं डरते।
हिंसा करना काम नहीं है।
सत्य पर चलना धर्म यही है।
अच्छे बुरे में फर्क कर पाते।
रोटी वो मेहनत की खाते।
देशहित की रखते मान।
अच्छे बच्चे वही महान।।.......2//
देश हितैषी वो बन जाते।
गुंडागर्दी को हटाते।
लूटपाट सब क्लेस मिटाते।
सत्य अहिंसा राह दिखाते।
प्यार से उनकी गाड़ी चलती।
निंदा का नहीं स्थान।
चाहे कोई निंदा कर ले।
चाहे करे गाली की बरसात।
सत्य कभी नहीं जगमगाता।
छतरी ताने खड़े रहेंगे।
चाहे चल भी जाए जान।
अच्छे बच्चे वही महान।।......2//
झूठा वादा नहीं वो करते।
जैसा करते नेता।
नेता भर्ते अपनी थैली।
नहीं परवाह किसी की।
बैठे जनता की कुर्सी पर।
पिए जाम नशे की।
अच्छे तो परहित की सोचे।
चले मार्ग सही के।
उनमे कोई नहीं बुराई।
नेता तो बने कसाई।
नारी का सम्मान वो करते।
धरती की वह लाज बचाए ।
गरीबों का वह प्राण ।
अच्छे बच्चे वही महान।।........2//
Writer --- VINAY SHRIVASTAV

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