फूल बना अंगार
पात्र -- अभिमन्यु, बहन रीता, महेश ,( दोस्त राजन निखिल, राजेश ) शाप पर आदमी दीपनारायण ,,।।
Scene 1
हम दिखाते हैं कि अभिमन्यु महेश को दौड़ा रहा है महेश आगे अभिमन्यु पीछे महेश दीवार कुदता है पानी में गिरता है और बारिश बहुत तेज रहती है लास्ट स्टेज पर महेश थककर जमीन पर गिरता है और अभिमन्यु के आगे हाथ जोड़ता है और फिर अभिमन्यु कटार उठाकर महेश की गर्दन उड़ा देता है और जोर-जोर से घुटनों पर गिर कर रोता है ।
Cut to cut____
अभिमन्यु साइकिल चलाता आ रहा है तो महेश अपनी साइकिल उसके साइकिल से लड़ा देता है महेश के साथ के बच्चे ।
बच्चे - अबे अभिमन्यु महेश से सॉरी बोल सॉरी बोल बोलता है कि नहीं ।
अभिमन्यु - देखो राजन मैंने गलती नहीं की है । महेश की सारी गलती है । उसने मेरी साइकिल भी तोड़ी है। देखो अभिमन्यु मैं तुम्हारे घर जाकर यह सब बताऊंगा ।
महेश - है अभिमन्यु तो यह सब मेरे घर जाकर बताया ना तो तेरी बहन जो पढ़ने जाती है वह स्कूल नहीं ऐसे जगह जाएगी तुझे तो क्या । तेरे पूरे परिवार को उसके बारे में नहीं पता चलेगा । समझे चल क्या देख रहा है चल निकल चू चू निकल ले ।
अभिमन्यु कुछ नहीं बोलता है और चला जाता है ।
एक दिन अभिमन्यु स्कूल से आ रहा होता है ( सड़क के किनारे किचड़ है ) महेश अपने दोस्तों के साथ है ।
महेश -
चलो गाइज अभिमन्यु को गांधी गिरी सिखाते हैं
दोस्त -
हां हां चलो
महेश -
मैं देखो उसको कैसे मजा चखाता हूं तुम सब मेरे पीछे आओ ।
महेश कीचड़ में अपना साइकिल ऐसे घुसाता है कि सारा किचड़ अभिमन्यु के शर्ट पर आ जाता है । अभिमन्यु को गुस्सा बहुत आता है और वह गुस्से से महेश को देखता है । महेश साइकिल खड़
कर उसके पास आता है ।
महेश -
क्या बे क्या घूर रहा है ।का जायेगा क्या ।जा अभी तेरे खेलने के दिन जा खेल चू चू चू । और हां पंगा लेने की भी ना सोचना ( गाल पे थपथपाते हुए )
अभिमन्यु कुछ नहीं बोलता और चला जाता है
CUT to cut +
अभिमन्यु अपने दोस्तों के साथ गोलगप्पे की दुकान पर गोलगप्पा खा रहा है । महेश वहां आता है और अभिमन्यु को देखता है फिर उसका खुरापाती चलता है और अभिमन्यु जैसे ही गोलगप्पे अपने मुंह में डालने जाता है वैसे ही महेश उससे पीछे से लग जाता है ।
महेश -
सारी ( और हंसता है)
गोलगप्पे का पानी वहां खड़े एक आदमी के शर्ट पर गिर जाता है । वह आदमी सब जान जाता है और महेश के पास जाता है उसके गाल पर चांटा मारता है ।
आदमी -
हे मुन्ना तुम्हारे मां बाप ने तुझे अच्छे संस्कार नहीं दिए रईस बाप की बिगड़ी औलाद दिखता है। तो तेरे जैसों को सीधा करना मुझे आता है।
महेश थोड़ा दूर जाकर के पत्थर उठाता और उस आदमी को मारता है उसका सर फट जाता और वह भाग जाता है ।
अभिमन्यु -
(रुमाल आदमी के माथे पर लगाते हुए )
अंकल यह रुमाल अपने माथे पर लगाइए यह एक रईस इंसान की बिगड़ी हुई औलाद है । सॉरी
आदमी -
किस बात की सॉरी बेटा तुमने किया ही क्या है कि सॉरी बोल रहे हो ।
अभिमन्यु -
अंकल इसकी दुश्मनी मेरे से थी आज मैं मार्केट नहीं आया होता तो यह हादसा नहीं हुआ होता ।
आदमी -
बेटा तुम्हारी गलती इसमें नहीं है ।लेकिन बेटा एक बात सुन लो कि यदि तुम पर कोई जुल्म करता है तो तुम सहते हो ये तुम्हारा संस्कार है ।लेकिन जो करता है वो यही समझता है कि तुम उससे डरते हो और वह और प्रताड़ित करता है ।कहीं तुम्हारे संस्कार को लोग तुम्हारी कमजोरी ना समझ लें ।ऐसा होने से रोकने के लिए एक फूल को अंगार बनना पड़ेगा (3बार )
Cut to cut .
महेश के कुछ दोस्त अभिमन्यु की बहन को छेड़ते हैं ।
अचानक अभिमन्यु की नज़र इस दृश्य पर पड़ता है ।
अभिमन्यु दौड़ा उस तरफ आता है तभी महेश अपना पैर अभिमन्यु के पैरों में फंसा देता है और अभिमन्यु ऐसे जगह गिरता है जहां एक कटार होती है । अभिमन्यु का गुस्सा अंगार बन गया होता है और वह कटार उठाकर महेश को दौड़ा लेता है महेश भागता है ।
फिर स्टार्ट का सीन दिखाते हैं ।
End

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