सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

नाग नागिन और फरेब

 

                नाग नागिन और फरेब










पात्र - सुखदेव सिंह ,बेटे अजय, विजय नौकर कमलेश ,नौकरानी इंदु ,चार दोस्त  रमन, अमन, कृष्ण ,आर्य गुप्तचर करण सक्सेना ,योगी बाबा, नाग नागिन के रोल में जितेंद्र माया ,अन्य आदमी



स्टोरी की शुरुआत एक अमीर परिवार से होती है जिसमें सुखदेव सिंह के दो बेटे अजय और विजय (विजय चचेरा बेटा लेकिन उसे मालूम नहीं रहता है ) हैं । सुखदेव अजय और विजय दोनों को समान प्यार करता है जैसे उसके लिए अजय उसी प्रकार उसके लिए विजय है। विजय शराबी है उसे सुखदेव सिंह समझाता है पर उसके ऊपर जूं तक नहीं रेंगता । एक दिन सुखदेव विजय के शराबी होने और पैसा खर्च करने के बारे में सोचता है और  बीमार पड़ जाता है।

डॉक्टर को बुलाया जाता है और डॉक्टर अजय से बताता है की सुखदेव कुछ दिन के मेहमान हैं और डॉक्टर चला जाता है। सुखदेव पहले से एक वसीयतनामा तैयार कराया होता है जो उसके वकील के पास होता है। उस वकील को बुलाया जाता है और वसीयतनामा सुखदेव वकील को अपने बच्चों के सामने पढ़ने को कहता है  । वकील वसीयतनामा को पड़ता है कि मेरे दोनों बेटे अजय और विजय अच्छे से मिलकर रहें और विजय को मेरी सारी संपत्ति से बेदखल कर दिया जाए यदि ।


इतनी वसीयत पढ़ते ही सुखदेव सिंह मर जाता है और वकील यहीं पर वसीयत पढ़ना बंद कर देता है। यह देख अजय और विजय फूट-फूट कर रोने लगते हैं लेकिन विजय के दिमाग में जायदाद से बेदखल शब्द नकारात्मक विचार प्रकट करता है उसे मालूम होता है कि मेरे पिता सुखदेव सिंह ने मुझे जायदाद से बेदखल कर दिया है। इधर वकील रोना-धोना देखकर वह वसीयत के कागज को बाद में पढ़ने को कहता है और चला जाता है। सुखदेव के दाह संस्कार के बाद विजय एक दिन गायब हो जाता है। और उसे पता चलता है कि वह उनके भाई का लड़का है और यह सोचता है कि जायदाद में हिस्सा मै जरूर लूंगा । 1 दिन वकील सुखदेव के घर आता है और अजय विजय को कई दिन से गायब बताता है । अजय वकील से कहता है जब विजय घर वापस आ जाएगा तो मैं आपको बुला लूंगा फिर वकील वसीयतनामा लेकर वापस चला जाता है ।


1 दिन अजय को पैसे की कमी पड़ती है वह बैंक से पैसा निकाल कर लेकर आ रहा होता है कि कुछ गुंडे उस पर हमला कर देते हैं । अजय उन्हें पीटता है वह गुंडे भाग जाते हैं अजय सोचता है कि शायद यह मेरे पैसे जीना चाहते थे । वह घर आता है ।


अजय को एक नौकरी का लेटर आता है और उसे नौकरी के इंटरव्यू के लिए शहर जाना पड़ता है। जब आ जाए इंटरव्यू के लिए अपने ऑफिस जा रहा होता है तो रास्ते में उसका भाई विजय उसे मिलता है दोनों एक दूसरे से मिलकर बातें करते हैं और अजय अपने ऑफिस का एड्रेस विजय को दिखाता है विजय उसको उस एड्रेस पर ले जाता है और बाहर उसका इंतजार करता है इंटरव्यू देने के बाद अजय ऑफिस से बाहर आता है और विजय को गांव चलने के लिए कहता है लेकिन अजय चलने को तैयार नहीं होता है । बहुत मनाने के बाद विजय घर आने के लिए तैयार होता है और दोनों अपने गांव के लिए निकल जाते हैं । अजय विजय को बताता है कि मुझे मेरी नौकरी मेरे गांव में ही लग गई है ।


दोनों बहुत खुश होते हैं और घर पहुंचते हैं दोनों बैठ कर के बहुत सारी बातें करते हैं खाना खा कर सो जाते हैं । अगले दिन अजय को नौकरी पर जाना रहता है विजय जब सो रहा होता है तो अजय नाश्ता करके अपने नौकरी पर निकल जाता है जब वह शाम को आ रहा होता है तो ज्यादा अंधेरा रहता है । विजय रास्ते के जंगल में एक आदमी और एक औरत को गाना गाकर नाचते हुए देखता है लेकिन वह ध्यान नहीं देता और वहां से चला जाता है । अगले दिन फिर अजय नाश्ता करके ऑफिस जाता है और रात में उसी समय आता है फिर वही दृश्य  देखता है। अजय रुक करके उनके पास जाता है और छिपकर उनके नाच को देखता है। अचानक वे दोनों आदमी और औरत एकाएक नाग और नागिन में परिवर्तित हो जाते हैं अजय यह देख आश्चर्यचकित रह जाता है और सोचता है कि ऐसा हम फिल्मों में देखते आए हैं 

और फिर घर चला जाता है




अजय घर जा कर यह सब कहानी सभी को सुनाता है यह सुनकर सभी चौक जाते हैं उन्हें विश्वास नहीं होता और वह वहां उसी रात जाते हैं फिर वह छिपकर उन आदमी और औरत को नाचते हुए देखते हैं और अचानक वे दोनों नाग और नागिन बन जाते हैं फिर आदमी बन जाते हैं यह देख सभी दंग रह जाते हैं । विजय कहता है कि यदि यह इसी तरह घूमते रहे तो आदमियों को काट लेंगे । अजय उसे समझाता है कि यह उसी तरह किसी को नहीं काटते जब तक कोई उन्हें छेड़े नहीं तभी विजय की नजर नाग के प्रकाशित मणि पर पड़ती है और विजय के अंदर लालच जागृत होती है वह वहां पड़े एक डंडे से नाक पर वार कर देता है नाग तुरंत मर जाता है और नागिन मणि और नाग को लेकर भाग जाती है । अजय विजय को बहुत डांटता है कि तुमने क्या किया वह हम में से किसी को नहीं छोड़ेगी विजय कहता है कि मैं यह सब नहीं मानता यह सब फिल्मों की बातें हैं मैंने उसे मणि के लिए मारा पर मणि नहीं मिली

 और फिर सब घर आते हैं 


एक दिन फिर उसी रात अजय उस नागिन को वहां रोते हुए देखता है और वह नागिन यह शपथ ले रही होती है कि मैं तुम्हारे मौत का बदला जरूर लूंगी किसी को नहीं छोडूंगी जिस जिस ने मुझे तुमसे जुदा किया सबकी लाशें बिछा दूंगी  ।

(नागिन के पास उसका मरा हुआ नाग रहता है जिसे लेकर वह सपथ ले रही होती है)

अजय यह सुनकर डर जाता है और वहां से चला जाता है । एक दिन अजय के चार दोस्त उसके घर आते हैं और उसी रात जब वह सो रहे होते हैं कि एक के चिल्लाने की आवाज आती है सभी दौड़े उसके पास जाते हैं और दोस्त के मुंह से झाग आ रहा होता है वह तडप के मर जाता है ।


पुलिस आती है और शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाती है । पोस्टमार्टम के बाद यह पता चलता है की इसको सांप ने काटा है। अजय अपने दोस्तों से पूरी कहानी बताता है और उन दोस्तों से अपने घर जाने को कहता है ।दोस्त तैयार होकर चले जाते हैं पर उसमें से एक दोस्त  सोचने को मजबूर होना पड़ता है कि वह नागिन राम को क्यो काटी। मैंने सुना है की नागिन उसी को काटती है जिसने उसे मारा है और वहां पर जितने लोग खड़े थे ।


अजय घर पर बहुत परेशान हो जाता है 

और एक दिन फिर अजय के नौकर को एक लड़की मारना चाहती है वह चिल्लाता है ।अजय वहां दौड़ कर जाता है तब वह देखता है एक लड़की वहां से भागकर नागिन बन जाती है 

 और पुनः दूसरी रात को नौकर को काट लेती है। छानबीन करने पर यह पता चलता है कि उसे सांप ने काटा है ।यह सुनकर अजय परेशान हो जाता है और अपने और अपने भाई की सुरक्षा के लिए गार्डों को रखता है और दूसरे रात विजय को भी नागिन काट लेती है । उसको भी पुलिस सर्प के काटने से मृत्यु बताती है और गार्डों से पूछने पर वह कहते हैं कि रात में हमरी आंख लग गई थी । अजय उन्हें भगा देता है और अपने भाई के मर जाने पर रोता है।

 दो लोग अजय को बताते हैं कि यहां से 2 कोस दूर एक बाबा पहाड़ी पर रहते हैं । वही इस सर्प से छुटकारा दिला सकते हैं । अजय कहता है कि सब मर गए अब मैं जी कर क्या करूंगा लोग उसे समझाते हैं तब वह बाबा के पास जाने के लिए राजी हो जाता है । योगी बाबा के पास पहुंचकर अजय अपनी पूरी कहानी बाबा को सुनाता है

 फिर बाबा अजय को एक ताबीज देता है और कहता हैकि इस ताबीज़ को नीचे गिरने नहीं देना ।बाबा की सारी बातें मानने के लिए अजय तैयार हो जाता है और बाबा को प्रणाम करके वहां से घर के लिए निकलता है।




एक बार अजय नहाने जाता है वह ताबीज भी वहां निकाल कर बिस्तर पर रख देता है और फिर नहाने जाता है और कपड़े अंदर ले जाना भूल जाता है वह अपनी नौकरानी से कपड़े मांगता है । नौकरानी अजय को कपड़े देती है और कपड़ों पर पड़ा ताबीज नीचे गिर जाता है । जब अजय कपड़े पहन कर बाथरूम से बाहर आता है तो वह ताबिश को नीचे गिरा हुआ पाता है और अपने नौकरानी को बहुत डांटता है । और परेशान होकर योगी बाबा के पास जाता है बाबा उससे कहता है कि मैं अब कुछ नहीं कर सकता क्योंकि यह एक ऐसी शक्ति वाली ताबीज थी जो तुम्हें बचा सकती थी 

लेकिन अब मैं कुछ नहीं कर सकता मैंने सुना है कि कई वर्षों से यह नाग नागिन तपस्या कर रहे थे और इन्हें इच्छाधारी का वरदान प्राप्त हो गया था लेकिन नाग के मरने से उसकी शक्ति दोगुनी हो गई है । क्योंकि उसको वरदान मिला था यदि उसके नाग को कोई पूर्णमासी के दिन मार देता है तो नाग की शक्ति उसकी नागिन को मिल जाएगी और उसकी शक्ति दोगुनी हो जाएगी और तुम्हारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।


अजय निराश होकर वहां से घर चला आता है और दूसरे दिन उसको सुनाई पड़ता है कि उस बाबा ने किसी नागिन से टक्कर लिया और किसी व्यक्ति को ताबीज दिया था इसलिए नागिन ने उसे काट लिया । 

दूसरी ओर गुप्तचर अर्जून को गांव में आधी रात को घुमते हुए एक आदमी मिलता है । उसे थाने ले कर जाते हैं और मार कर उससे पूछते हैं कि वह आधी रात में कहां घूम रहा था लेकिन वह आदमी कुछ नहीं बताता । दारोगा रात मैं अपने पुलिसकर्मियों को तैनात करता है और उसी रात एक और आदमी पकड़ा जाता है पुलिस उसे थाने ले जाकर पीटती हैं  और कहती है कि इस नाग नागिन के खेल में तुम्हारा अहम भूमिका है मुझे मालूम है तू सीधा-सीधा मुझे पूरी कहानी बता दे नहीं तो मैं तेरा वो हस्ल करूंगा की तेरी रूह कांप जाएगी और पिटती है।


पुलिस कहती है यदि तू सही-सही बता दिया पूरी कहानी तो मैं तुझे छोड़ दूंगा नहीं तो एनकाउंटर करवा दूंगा । बता तू रात में क्यों घूम रहा था क्या तेरे दिमाग में खिचड़ी चल रही थी कौन सा नया गेम रचने जा  रहा था तू  । इसके बाद दरोगा वहां आता है और वेंत उठाकर उसके बैग पे मारता है ।चोट इतनी तेज होती है कि वह आदमी जोर जोर से चिल्लाने लगता है और बोलता है कि मैं सब कुछ बता रहा हूं मुझे मारिएगा मत । 

आदमी बताता है कि हम पैसों के लिए यह सब काम कर रहे थे और नाग नागिन के रोल वाले आदमी का घर बता देता है ।पुलिस उन्हें पकड़ कर ले आती है और पिटती है पूछती है कि ऐसा क्यों किया तुम लोगों ने वे दोनों बताते हैं कि पैसों के लिए उन्होंने ऐसा किया । तब तक उनकी नजर जेल के अंदर पड़ती है तो वे दोनों विजय को पहचान जाते हैं और बताते हैं कि यह अजय के भाई विजय है इन्होंने यह सब करने के लिए हमें पैसा देने के लिए कहा था । सब कार्य में इनका हाथ है विजय को पुलिस पीटती है और पूछती है तो वह बताता है कि सुखदेव सिंह मेरे चाचा थे उन्होंने मुझे अपनी जायदाद से बेदखल कर दिया था इसलिए मैंने ऐसा किया इसमें मेरे पिता की भी संपत्ति थी ।

अजय घर बैठा होता है और पुलिस गुप्तचर सभी विजय को लेकर उसके घर पहुंचते हैं अजय अपने भाई विजय को देखता है और दंग रह जाता है 

पुलिस उसके सभी कार्य बताते हैं  अजय पूछता है कि तुमने ऐसा क्यों किया 

तो वह जायदाद की बात पताता है ।





अजय बताता है कि उस जायदाद में यह लिखा गया था कि यदि विजय शराब दारु पीना नहीं छोड़ता है तो मेरी सारी संपत्ति अजय के नाम हो जाए ऐसा नहीं लिखा था कि मैं तुझे बेदखल करता हूं ।

तू एक बार मुझसे कहा होता कि मैं अपनी संपत्ति भी तेरे नाम कर दूं तो मैं हंसते हंसते मुझे अपनी सारी संपत्ति दे देता और मैं यहां से चला जाता क्योंकि मैं तुझसे बहुत प्यार करता हूं तू मेरा सगा भाई है ना कि चचेरा मैंने तुझे अपना सगा भाई माना है लेकिन तुम मुझे समझ ही नहीं सका और पिताजी भी तुझे अपना बेटा माना सगा बेटा लेकिन तुम बेटा के लायक ही नहीं ।

तब तक विजय का दोस्त वहां आता है ।और कहता है कि यही तो मैं सोचूं नागिन मेरे दोस्त को क्यो काटी क्योंकि नाग की मृत्यु के समय मेरा दोस्त वहां था ही नहीं । मैंने सुना है कि नाग को मारते वक़्त जो भी वहां रहता है तो नागिन अपनी आंखों में उसका फोटो खिंचती है और फिर उनसे बदला लेती है पर तुमने मेरे दोस्त को क्यो मरवाया ।

क्योंकि मैं सबके अन्दर नागिन का खौफ पैदा करना चाहता था ।

इसीलिए मुझे सक हुआ और मैंने गुप्तचर को इन मौतों की छानबीन के लिए लगा दिया और मेरा सक सही निकला ।

विजय को अपनी गलती का एहसास होता है और वह अजय से माफी मांगता है ।

 फिर पुलिस उसे पकड़ कर जेल ले जाती है 7 साल बाद उसकी सजा पूरी होती है और अजय उसे घर लाता है और दोनों साथ-साथ रहने लगते हैं ।




                         End 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

आर टी ओ नम्बर क्या है यू पी के सभी जिलों का RTO नम्बर ।

       यू पी के सभी आरटीओ नम्बर की लिस्ट       (All RTO No of Uttar Pradesh)     आर, टी, ओ कोड किसी भी गाड़ी के लिए बहुत महत्व रखता है । गाड़ी  संख्या प्लेेट में  वैसे तो बहुत सारे नंबर लिखे होते हैं । पर उनमें से दो अंक आर, टी, ओ का होता है। इस नम्बर से गाड़ी किस जिले या सिटी से रजिस्ट्रेशन हुआ है या खरीदा गया है यह पता लगाने के लिए होता है। जो कोई भी बहुत आसानी से मालूम कर सकता है । यदि आपके यहां दो पहिया या चार पहिया वाहन होगा तो उसमें आप देख सकते हैं। राज्य  नाम के आगे दो अंको का नम्बर होगा । तो अपनें जिस जिले के अंदर वह दो पहिया या, चार पहिया खरिद किया होगा उस जिले का आर, टी ,ओ कोड उसमें लिखा होगा ।   इसी तरह अलग-अलग जिले या शहर के लिए अलग-अलग आर, टी, ओ कोड प्रयोग होता है। किसी भी राज्य के एक जिले के अंदर एक से अधिक आर, टी, ओ केन्द्र और उसके कोड हो सकते हैं । अगर आप यू पी आर, टी, ओ कोड सुची खोज रहे हैं । तो यहां हम आपको उत्तर प्रदेश के सभी आर ,टी,ओ नंबर की सुची दे रहे हैं। इसके अलावा आपको बताएंगे कि यू पी ...

खौफनाक मंदिर पार्ट 2

                खौफनाक मंदिर पार्ट 2 पात्र - तीन दोस्त, योगी, योगी के दो के चेले , एक चुड़ैल ।                        Scene -1 तीनों लड़के हाफते सहमे हुए खड़े हैं पीछे एक चुनरी में चुड़ैल खड़ी है सभी को आभास होता है कि पीछे कोई खड़ा है वह एकाएक पीछे मुड़ते हैं इधर उधर देखतें हैं पीछे कोई नहीं रहता सभी सहमें हुए हैं । तभी एक दोस्त देखता है कि हममें से एक दोस्त नहीं है । दोस्त - यार शिवानंद कहां गया । दूसरा दोस्त - यार वह तो हमारे साथ ही था गया कहां । तभी अचानक उन सबको एक पेड़ के पीछे से आवाज आती हुई सुनाई देती है सभी उधर बढ़ते हैं । और जाकर देखते हैं तो उनका ही दोस्त वह होता है और ( आंख काली) वह पागलों की तरह हरकत  करता है एक दोस्त उसको जैसे ही टच करता है उसके हाथों में एक चाकू होता है जिसे वह अपने दोस्तों के पेट में खोप देता है । वह पेट पड़कर के नीचे गिरता है , फिर अंतिम दोस्त भागने की कोशिश करता है और जैसे ही भागते ...

माँ की ममता (एक दिल को छू जाने वाली कहानी)

                                        मां की ममता पात्र - महेश ,पत्नी शीतला, बेटा राजीव और  दोस्त हम दिखाते हैं कि राजीव अपने दोस्तों के घर अपने दोस्त का जन्मदिन मनाता है। सभी मित्र हैप्पी बर्थडे टू यू राजेश हैप्पी बर्थडे टू यू राजेश । राजेश - लिसन फ्रेंड मैं अपने सभी दोस्तों को धन्यवाद देता हूं कि सभी मेरे बर्थडे में आए और आप सभी से रिक्वेस्ट है आप सभी को आज डीजे पर हमारे साथ नाचना पड़ेगा । सभी मित्र - क्यों नहीं( डांस शुरू होता है)           Cut to cut ....... राजीव अपने घर गाड़ी से उतरता है और घर के अंदर जाता है।। मां - और राजीव बेटा तुम्हारे दोस्त का जन्मदिन कैसा रहा। राजीव- मां हमने बहुत मजे किए केक खाये और ढेर सारी मिठाइयां खाई आज राजेश की उम्र 18 साल हो गई है।  पिता - वो तुम्हारे चेहरे से ही लगता है कि तुम कितना मजा किये। राजीव - राजेश 18 साल का हो गया तो उसके पिता ने उसे गिफ्ट में एक बाइक दिया । मां मैं 18 साल का हो जाऊंगा तो तुम मुझे गिफ्ट में...