भकभेल्लर की पाठशाला ( Comedy )
टीचर - अच्छा बच्चों तो पढ़ाई शुरू की जाये ।
बच्चे - जी सर
टीचर - तुम बताओ लखेदू ,शिव की धनुष किसने तोड़ी ।
लखेदू - सर मैं नहीं जानता हे हे हे।
टीचर - मालूम नहीं और हंस रहें हैं- हे हे हे
अरे मारेंगे दांत छूट जायेगा बेहूदे ।
टीचर - तुम बताओ खदेरन , शिव की धनुष किसने तोड़ी ।
खदेरन - सर मुझे नहीं मालूम ।
टीचर - नहीं मालूम,कहदो मटरगस्ती करने को तो खूब मटरगस्ती करेंगे । नहीं मालूम, बैठ बेवकूफ
टीचर - तुम बताओ हिल्लन , शिव की धनुष किसने तोड़ी ।
हिल्लन - सर उकाहै न हम उस दिन स्कूल नहीं आये रहे तो कइसे देखेंगे ।
टीचर - अच्छा बेटा तुम स्कूल नहीं आये थे । अरे एक लाफा देंगे न कान पे सारी बकवास अन्दर चली जायेगी ।
टीचर - तुम बताओ ढकेलू , शिव की धनुष किसने तोड़ी ।
ढकेलू - सर मैंने नहीं तोड़ी भकभेल्लर या लिल्लू ने तोड़ी होगी।
टीचर - चुप बेवकूफ
ढकेलू - तो बोल कौन रहा है चुप तो हैं ।
भकभेल्लर - (रोते हुए ) सर शिव की धनुष हमनें नहीं तोडी । सर ये हमपे झूठा आरोप लगा रहा है ,हमतो ये भी भी नहीं जानते की शिव की धनुष कहां रखी गई थी ।
टीचर - अच्छा बेटा बहुते नाम कमाओगे , बेहूदा कहीं का
लखेदू - कहीं का नहीं सर यहीं का ।
टीचर - अरे चाचा हैई लाफा पड़ेगा न कान पे तो नानी याद आ जायेगी और नाचने लगोगे ।
टीचर- तुम बताओ लिल्लू शिव की धनुष किसने तोड़ी ।
लिल्लू - सर राम ने तोड़ी।
भकभेल्लर - हमें तो लगता है की राम ने नहीं इसी ने तोडी होगी और राम को लगा रहा है ।
टीचर - चुप बेहूदों ,जैसा तुम लोगों का नाम है वैसा ही काम है ।
टीचर - लिल्लू ने सही बताया ।
ढकेलू - तो ये वहां खडा रहा होगा ,तो हम कैसे बताएंगे ।और आप भी रहे होंगे । दोनों ने देखी और हमसे पुछते हैं कि शिव की धनुष किसने तोड़ी ।
टीचर - चुप हो जाओ बेटा नहीं तो एक लाफा पड़ेगा ना पैन्ट में पोट्टी हो जायेगी ,समझे ।
Written by
vinay

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